Periods in hindi, period kya hota hai

पीरियड्स क्या होता है? कब शुरू होता है और इसके लक्षण क्या हैं?

पीरियड्स क्या होता है ? Periods in Hindi Meaning

Periods in hindi – पीरियड्स एक उम्र के बाद महिलाओं में होने वाली स्वाभाविक प्रक्रिया है। मासिक धर्म महिलों को हर महीने होता है, जिसमे योनि मार्ग से रक्तस्राव होता है। पीरियड्स आने के बाद ऐसा माना जाता है कि महिला का शरीर गर्भधारण के लिए तैयार हो चूका है। लोगों के मन में पीरियड्स से जुड़े कई सवाल होते हैं जिसके बारे में यहाँ एक एक करके जानेंगे। Period kya hota hai, Periods in hindi meaning, Period symptoms in hindi, पीरियड्स कब शुरू होता है आदि। 


पीरियड का क्या मतलब होता है? (Period kya hota hai)

पीरियड, जिसे मासिक धर्म भी कहा जाता है, महिलाओं के शरीर में होने वाली एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। इसमें हर महीने योनि के माध्यम से थोड़ा रक्त और गर्भाशय की परत का ऊतक बाहर निकलता है। यह पूरी प्रक्रिया शरीर को संभावित गर्भावस्था के लिए तैयार करने वाले मासिक धर्म चक्र का हिस्सा होती है।
अगर किसी महीने गर्भावस्था नहीं होती, तो गर्भाशय की मोटी हुई परत टूटकर रक्तस्राव के रूप में बाहर आ जाती है — इसी को “पीरियड” कहा जाता है।

पीरियड्स का हिंदी में क्या अर्थ होता है?

पीरियड को हिंदी में मासिक धर्म या माहवारी कहा जाता है।एक महिला के यौवनावस्था में प्रवेश करने का प्रथम चरण होता है। जब कोई महिला यौवनावस्था में प्रवेश करती है तो उसके सभी प्रजनन अंग धीरे धीरे विकसित होने लगते हैं। युवावस्था में महिला और पुरुष दोनों के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। लड़कों के टेस्टीज में शुक्राणुओं का बनना शुरू हो जाता है और महिलाओं के मासिक धर्म (Periods in hindi) शुरू हो जाते हैं, जो गर्भधारण के लिए तैयार होने वाले शरीर का एक संकेत भी है।

इस दौरान 3 से 4 दिनों तक महिला को रक्तस्राव होता है। Period kya hota hai इसे आप साधारण भाषा में हार्मोनल परिवर्तन भी समझ सकते हैं। जब महिला का शरीर परिपक्व होने लगता है तब उसमे ऐसे बदलाव आते हैं, जिसकी वजह से अंडाशय एग रिलीज करना शुरू करता है। अगर यह अंडा ओवुलेशन के दौरान पुरुष स्पर्म के संपर्क में नहीं आता है तो गर्भाशय में बनने वाली यह परत एग के साथ मिलकर रक्तस्राव के रूप में योनि मार्ग से बहार आ जाता है।  इसी प्रक्रिया को मासिक धर्म या Periods in hindi meaning कहते हैं। 

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Periods में Low Blood Flow के क्या कारण है?

पीरियड्स के दौरान कम ब्लीडिंग होने के कई कारण हो सकते हैं। जिनमे मुख्य रूप से शामिल है: उचित मात्रा में पोषक तत्वों की कमी, अव्यवस्थित जीवनशैली, बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेना आदि। अगर किसी महिला के पीरियड्स में किसी प्रकार का उतार चढ़ाव आता है तो वह अन्य बिमारियों के होने का संकेत भी हो सकता है।

इसलिए महिलाओं को अपने मासिक धर्म (periods in hindi) का सम्पूर्ण लेखा जोखा रखना चाहिए। जिन महिलाओ को पीरियड्स में कम रक्तस्राव होता है, उन्हें भविष्य में माँ बनने में भी परेशानी हो सकती है। कई बार इसकी वजह से महिलाओं का वजन भी बढ़ने लगता है। इसके अलावा अगर किसी महिला के ओवरी में सिस्ट बनने लगते हैं, अनचाहे बाल आने लगते हैं, पीरियड्स नियमित नहीं होते हैं तो यह भी मासिक धर्म का कारण हो सकता है। 

पीरियड्स के दौरान होने वाली हैवी ब्लीडिंग को कैसे ठीक करें?

यूँ तो किसी भी स्वस्थ महिला का पीरियड्स 4 से 6 दिनों का होता है। इस दौरान महिलाओं को ब्लीडिंग होना सामान्य है लेकिन अगर आपको अन्य महिलाओं की तुलना में अधिक ब्लीडिंग हो रही है तो यह चिंता का विषय हो सकता है। हैवी ब्लीडिंग की समस्या को चिकित्सा भाषा में मेनोरेजिया भी कहते हैं। यह समस्या कई कारणों से हो सकता है, जिसमे सबसे प्रमुख है हार्मोनल असंतुलन। अगर आपको ऐसी कोई समस्या है तो तुरंत अपने नजदीकी स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। 

पीरियड्स ना होने पर क्या करे ?

एक उम्र के बाद हर महिला का पीरियड्स शुरू होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। अगर 14 वर्ष की उम्र के बाद भी महिला का पीरियड्स नहीं आता है या एक- दो बार आने के बाद दुबारा नहीं आया है तो यह एमेनोरिया नामक रोग हो सकता है। पहले मासिक धर्म के बाद महिलाओं को अगले पीरियड्स में थोड़ा समय लग सकता है।

ऐसा होना सामान्य बात है क्यूंकि पिट्यूटरी ग्रंथि की समस्या के कारण कई बार महिलाओं का पीरियड्स महीनों तक रुक जाता है। सामान्यतः 40 की उम्र के बाद महिलाओं का पीरियड्स आना बंद हो जाता है लेकिन अगर इससे पहले आपके पीरियड्स नहीं हुए हैं तो यह गंभीर समस्या हो सकती है। पीरियड्स ना होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें प्रमुख है: हॉर्मोन्स का संतुलित ना होना, खून की कमी होना, महिला के प्रजनन अंगों में किसी प्रकार की कमी होना। 

पीरियड्स का ना आना पीसीओडी का संकेत भी हो सकता है, इस बीमारी में महिला के अंडाशय में छोटी छोटी थैलीनुमा संरचना बनने लगती है। इसी के साथ महिला का वजन अचानक से बढ़ने लगता है और चेहरे पर अनचाहे बाल उगने लगते हैं। 

कई बार पीरियड्स ना आने का कारण ज्यादा लम्बे समय तक गर्भनिरोधक गोलियाँ का सेवन भी हो सकती हैं। कई बार पीरियड्स का ना आना प्रेगनेंसी का लक्षण भी हो सकता है। इसलिए ऐसे किसी भी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें। 

पीरियड्स के दौरान तेज दर्द होने पर क्या करना चाहिए?

सामान्यतः महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द होता ही है लेकिन कुछ महिलाओं को Period में बहुत तेज दर्द होता है, जिसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है। periods in hindi के दौरान होने वाला तेज दर्द एंडोमेट्रिओसिस का लक्षण हो सकता है इसलिए अगर आपको ऐसा महसूस होता है तो अतिशीघ्र स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। 

PMS क्या है? और इससे कैसी समस्या होती है?

period symptoms in hindi – PMS पीरियड्स के पहले दिखाई देने वाले लक्षण हैं। में बहुत सारे लक्षण दिखाई देने लगते हैं जैसे पेट में दर्द होना, क्रैम्पिंग, बहुत जल्दी थक जाना। ये समस्याएं पीरियड्स से पहले शुरू होती हैं और कई बार पीरियड्स के दौरान भी चलती हैं। पीएमएस एक सामान्य समस्या है जिसमे ऐंठन, बहुत ज्यादा भूख लगना, ब्लोटिंग, चिड़चिड़ापन, कमर दर्द, स्ट्रेस, अकेलापन, मूड स्विंग्स, नींद ना आना जैसे कई लक्षण शामिल होते हैं। 

मेनोपॉज क्या होता है? (Menopause in Hindi)

40 की उम्र के बाद जब किसी महिला का पीरियड्स आना बंद हो जाता है तो उसे मेनोपॉज कहते हैं। मेनोपॉज एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो हर महिला के जीवन में स्वाभाविक रूप से आता है। उम्र के इस पड़ाव तक आते आते महिलों के अंडाशय में अंडे बनने बंद हो जाते हैं और गर्भाशय में जो परत होती है उसका बनना भी ख़त्म हो जाता है, इसलिए मेनोपॉज के बाद किसी महिला का मासिक धर्म नहीं होता है। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं जैसे- बहुत ज्यादा पसीना आना, चिड़चिड़ापन महसूस करना, बालों का झड़ना, आदि। 

पीरियड्स शुरू होने के लक्षण (Period Symptoms in Hindi)

पीरियड्स शुरू होने से पहले महिलाओं के शरीर में  बदलाव होते हैं जिसे आमतौर पर पीरियड्स शुरू होने के लक्षण माना जाता है। प्रायः जब किसी महिला का स्तन विकसित होने लगता है उसी के 2 साल के अंदर उसके पीरियड्स भी शुरू हो जाते हैं। पहला मासिक धर्म शुरू होने से पहले महिला के प्यूबिक हेयर्स आने शुरू हो जाते हैं। आपको योनि मार्ग से किसी तरल पदार्थ का डिस्चार्ज भी महसूस होगा। 

पीरियड्स में क्या नहीं करना चाहिए?

पीरियड्स में होने वाले दर्द की तीव्रता हर महिला के लिए अलग अलग होता है। लेकिन अमूमन हर महिला को पीरियड्स के दौरान असुविधा होती ही है। इस दौरान आपके शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव भी होते हैं इसलिए आपको अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। यहाँ ऐसे कामों के बारे में जानेंगे जो पीरियड्स में नहीं करने चाहिए। 

असुरक्षित यौन सम्बन्ध ना बनाएं: पीरियड्स के दौरान असुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाने से कई तरह के इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है और प्रेगनेंसी भी ठहर सकती है। 

खाना ना छोड़ें: पीरियड्स के समय ब्लीडिंग के कारण आपको थकान महसूस हो सकता है लेकिन इस दौरान खाना नहीं छोड़ना चाहिए क्यूंकि इससे आपके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाएगी जिससे आपको थकान महसूस हो सकती है। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)
पीरियड्स आने का पहला लक्षण क्या है?

पीरियड्स आने से पहले शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। जिसमे एक महत्वपूर्ण लक्षण यह है कि महिला के योनिमार्ग से सफ़ेद रंग का तरल पदार्थ निकलने लगता है।

पीरियड्स में क्या महसूस होता है?

पीरियड्स में महिला को मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन, भूख ना लगना, नींद ना आना, ब्लोटिंग, पेट दर्द आदि जैसी समस्या महसूस होता है। 

पीरियड के लक्षण कितनी जल्दी शुरू हो सकते हैं?

सामान्यतः पीरियड्स के लक्षण यानि पीएमएस पीरियड्स शुरू होने से तीन चार दिन पहले शुरू हो जाते हैं और यह पीरियड्स शुरू होने के 4 दिन बाद तक रहते हैं। 

Note: इस ब्लॉग (पीरियड्स क्या होता है ? Periods in Hindi) में दी गयी जानकारी आपको पसंद आयी होगी तो इसको शेयर करे और अगर पीरियड से सम्बंधित किसी भी जानकारी या अधिक समस्या के लिए अपने पास के डॉक्टर से संपर्क करे।

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